एक ब्रह्मचारी की तरह जीने का तरीका
एक ब्रह्मचारी की तरह जीने का तरीका प्रश्न : नमस्कारम, गुरु। ब्रह्मचर्य के मार्ग पर क्या करना पड़ता है और किसी को कैसे मालूम हो कि वह उसके योग्य है कि नहीं ? गुरु: ब्रह्मचर्य का अर्थ है एक मंद पवन, बयार की तरह होना -- इसका मतलब है कि आप कहीं पर भी, ठहरते नहीं हैं। हवा हर जगह जाती है लेकिन हम नहीं जानते कि इस समय ये कहाँ से आ रही है ? इसने अभी समुद्र को पार किया और यहाँ आयी। ये अभी यहाँ है और अब आगे बह रही है। ब्रह्मचर्य का अर्थ है, बस जीवन होना -- वैसे जीना जैसे आप जन्में थे--अकेले ! अगर आप की मां ने जुड़वाँ बच्चों को भी जन्म दिया था, तो भी आप तो अकेले ही आये थे। ब्रह्मचर्य का अर्थ है -- दिव्यता से अत्यंत निकटता से जुड़ना, और वैसे ही जीना। दिव्य के पथ पर आगे बढ़ने का तरीका ब्रह्मचर्य कोई महान कदम नहीं है। यह तो बस वैसे ही रहना है, जैसे जीवन है। शादी, विवाह एक बड़ा कदम है -- आप कुछ बहुत बड़ा करने का प्रयत्न कर रहे हैं। कम से कम लोगों क...