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कम्प्युटर VS लैपटॉप (computer vs laptop)

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                               कम्प्युटर VS लैपटॉप  (computer vs laptop) हैलो दोस्तो AS-Enterprises1 blog  मे आप लोगो का स्वागत है॰ दोस्तो कई दिन हो गए एक भी पोस्ट मैंने नही डाला . http://as-enterprises1.blogspot.com/ आज आप लोगो के लिए एक अछि जानकारी ले कर आया हु आप सभी लोग जब भी मार्केट मे लैपटॉप  या कम्प्युटर खरीद ने जाते है तभी आप के मन मे एक सवाल होता है की लैपटाप लू या कम्प्युटर खरीदु तो दोस्तो आज हम लोग इस बात पे चर्चा करेंगे दोस्तो कम्प्युटर खरीदना चाहिए या लैपटाप खरीदना चाहिए नीचे देखे उनके स्टेप॰ स्टेप 1 : उदहारण के लिए मान लीजिये आपके पास एक बजट है करीब 30 हजार रुपए का और इसमें आप एक लैपटॉप खरीदना चाहते है लेकिन लैपटॉप में आपको जो स्पेसिफिकेशन मिल रहे है वो आपके लिए कम है तो यहाँ पर आप डेस्कटॉप कंप्यूटर (Desktop Computer) खरीद सकते है जहा पर आपको लैपटॉप के मुकाबले अच्छी और बेहतर फीचर मिल जायंगे. स्टेप 2 : दोस्तो जब भी आप लोग मार्केट से लैपटाप खरीद ने जाते हो तो सबसे पहले आप किया दे...

जानिए मधर बोर्ड के सभी पार्ट्स हिन्दी मे

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                                            जानिए मदर बोर्ड के सभी पार्ट्स हिन्दी मे. जानिए मदर बोर्ड के सभी पार्ट्स हिन्दी मे । आज दोस्तो आप के लिए लेकर आए है कुछ ऐसी जानकारी जो आप लोगो ने खी नही पढ़ी होगी । आप सभी लोग जानते होंगे की कम्प्युटर प्रोसेसिंग यूनिट मे जो मदर बोर्ड लगाते है जिनसे पूरे का पूरा कम्प्युटर चलता है । कई कंपनी बनती है इस मदर बोर्ड को जैसे की इंटेल ,असूस , गीगा बाइट्स । आज हम मदर बोर्ड के सभी पार्ट्स के बारे मे थोड़ी सी जानकारी देंगे । आज हम इस जानकारी को इसलिए दे रहे है क्यू जब भी किसी के कम्प्युटर का मदर बोर्ड खराब हो जाएगा तब वो मधर बोर्ड के बारे मे जानते होंगे तो उनको आसानी से ठीक कर सकेंगे उनको रिपेर नही कार्वा न पड़ेगा ओर न ही कुछ खर्चा होगा । वैसे तो मदर बोर्ड कई कॉम्पोनेंट का बना हुआ होता है ओर उनके पार्ट्स भी बहुत छोटे होते है । उन मे अलग अलग टाइप के रजिस्टर भी होते है ओर कुछ स्लोट्स भी होते है । कम्प्युटर का ये मदर बोर्ड कैसे वर्क करता है उसके ल...

हर तरह के डर से जीत दिला सकते हैं ये मंत्र

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                                                    हर तरह के डर से जीत दिला सकते हैं ये मंत्र ये है शारीरिक डर डर एक शारीरिक या भावनात्मक खतरे के सम्बन्ध में होता है. शारीरिक डर से किसी का सामना न करने की क्षमता न होना या किसी के व्‍यवहार से डर शारीरिक डर होता है. भावनात्मक डर विभिन्न मनोवैज्ञानिक समस्या के कारण हो सकता है. यदि डरते हैं आप अगर आपको लगता है कि आप कमज़ोर दिल के हैं, बहुत जल्दी डर या घबरा जाते हैं और आपको बुरे सपने भी आते हैं तो यह उपाय आपके लिए है ऐसे लोग होते हैं डरपोक ज्योतिष में मंगल को साहस, ताकत, लड़ने की क्षमता, निडरता आदि का कारक माना जाता है. जब मंगल पर बहुत बुरा प्रभाव हो या मंगल कुंडली में बहुत कमज़ोर हो तो वो लोग डरपोक हो जाते है. आप 100% विश्वास के साथ किसी भी भगवान के नाम का जाप कर सकते है. मंत्रो का जाप करें आइये हम आपको कुछ ऐसे मंत्रो को बताये जिनका जाप करके आप अपने डर को दूर भगा सकते है. आप को अलग- अलग तरह के डर से लड़ने में मदद म...

सनातन धर्म में सनातन क्या है ?

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                                                    सनातन धर्म में सनातन क्या है ? हम आज बहुत गर्व से राम-कथा में अथवा भागवत-कथा में, कथा के अंत में कहते हैं , बोलिए --- सत्य सनातन धर्म कि जय । तनिक विचारें ? सनातन का क्या अर्थ है ? सनातन अर्थात जो सदा से है, जो सदा रहेगा, जिसका अंत नहीं है और जिसका कोई आरंभ नहीं है वही सनातन है। और सत्य में केवल हमारा धर्म ही सनातन है, यीशु से पहले ईसाई मत नहीं था, मुहम्मद से पहले इस्लाम मत नहीं था। केवल सनातन धर्मं ही सदा से है, सृष्टि के आरंभ से । किन्तु ऐसा क्या है हिंदू धर्मं में जो सदा से है ? श्री कृष्ण की भागवत कथा श्री कृष्ण के जन्म से पहले नहीं थी अर्थात कृष्ण भक्ति सनातन नहीं है । श्री राम की रामायण तथा रामचरितमानस भी श्री राम जन्म से पहले नहीं थी अर्थात श्री राम भक्ति भी सनातन नहीं है । श्री लक्ष्मी भी, (यदि प्रचलित सत्य-असत्य कथाओ के अनुसार भी सोचें तो), तो समुद्र मंथन से पहले नहीं थी अर्थात लक्ष्मी पूजन भी सनातन...

उच्चतम प्रार्थना

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                                                                        उच्चतम प्रार्थना प्रार्थना परमात्मा से बात करने का सबसे प्रभावशाली तरीका है। लोग कई प्रकार की प्रार्थनाएं करते है। कुछ लोग संसार की वस्तुओं को पाने के लिए प्रार्थना करते है। उदाहरण के लिए, एक बढ़िया नौकरी मिले। नया घर या नयी कार मिले। कुछ लोग अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करते हैं कि वे और उनका परिवार शारीरिक रूप् से स्वस्थ हो जाएं। कुछ अपने निजी संबंधों को बेहतर बनाने की प्रार्थना करते हैं। ज्यादातार लोग संसार की वस्तुओं के लिए प्रार्थना करते हैं। आमतौर पर जब हम प्रार्थना करते हैं, तब प्रभु से पूछते हैं कि क्या वे हमें वह सब देंगे? जब हम प्रार्थना करते हैं, हम हमेशा उन वस्तुओं को पाने की कोशिश करते हैं, जो हमें लगता है कि हमें मदद करेंगी। इस समय हमारे जीवन की सबसे बड़ी तस्वीर के बारे में हमारी जानकारी सीमित है। हमें लगता है, हम जो ...

आदिगुरु शिव और अन्य गुरुओं की शिक्षाओं में क्या अंतर है?

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                         आदिगुरु शिव और अन्य गुरुओं की शिक्षाओं में क्या अंतर है? जेन इस ब्लॉग में सद्‌गुरु एक जिज्ञासु के सवाल का जवाब देते हुए बता रहे हैं कि कैसे दूसरे गुरुओ जैसे जीसस, बुद्ध या फिर ज़ेन गुरुओं ने अपनी शिक्षाओं में शिव की चर्चा क्यों नहीं की? आइए जानते हैं सद्‌गुरु का जवाब! प्रश्नकर्ता : सद्‌गुरु आप भगवान शिव को बहुत महत्व देते हैं ! तो फिर दूसरे गुरुओ जैसे जीसस, बुद्ध या फिर ज़ेन गुरुओं ने अपनी शिक्षाओं में शिव की चर्चा क्यों नहीं की है? सद्‌गुरु : इस प्रकार के सवाल और विचार एक ऐसी मानसिकता से आते हैं, जो संगठित धर्मो से पैदा हुई है! शिव का किसी और से मुकाबला करना हमारा उद्देश्य नहीं है... क्योंकि शिव में वे सभी आयाम मौजूद हैं, जिनकी आप बात कर रहे हैं। कुछ लोगों ने केवल एक पहलु ढूँढा, और वे उस पर बात करके लोकप्रिय हो गए! मैं उनके महत्व को कम नहीं बता रहा; वे सभी शानदार लोग हैं जिन्होंने मानवता के लिए बहुत कुछ किया है। लेकिन मैं कह रहा हूँ - बोध या अनुभूति के हिसाब से, उनके जैसा कोई भी नहीं हुआ। और मैं सि...

शिव के परम भक्त एक लुटेरे की कहानी

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                                शिव के परम भक्त एक लुटेरे की कहानी सदगुरु यहाँ मल्ला नाम के एक चोर की एक दिलचस्प कहानी सुना रहे हैं, जो शिव का एक परम भक्त था। सद्‌गुरु: आज मैं आप को एक योगी के बारे में बता रहा हूँ जो मेरे जन्मस्थान के बहुत निकट रहा करते थे। मैंने इस व्यक्ति के बारे में सुना था और उन विलक्षण घटनाओं के बारे में भी जो वहां हुइं थीं, पर अपनी युवावस्था में मैंने उनकी ओर कोई ख़ास ध्यान नहीं दिया। वे बातें सुन कर मुझे थोड़ा रोमांच होता था, पर उस समय उन सब को मैंने कोई महत्व नहीं दिया। एक लुटेरे की शिवभक्ति मैसूर से लगभग 16 किमी दूर, नंजनगुड के नाम से प्रसिद्ध जगह की बाहरी सीमा पर एक शिव-भक्त रहता था। उसका नाम मल्ला था। वह किसी धार्मिक परंपरा से नहीं जुड़ा था और पूजा, ध्यान के नियम नहीं जानता था। लेकिन बचपन से ही आँखें बंद करने पर उसे सिर्फ शिव दिखते थे। शायद उनके लिये भक्त एक ठीक शब्द नहीं है। उनके जैसे लाखों लोग हैं जो एक तरह से शिव के बंदी हैं, उनके पास कोई और चारा ही नहीं है। शायद मैं भी उनके जाल म...